ABOUT US

About Us | श्री श्री 1008 पंचदशनाम जूना त्रिजटा अघोरी अखाड़ा

हमारे बारे में अखाड़ा परिचय

श्री श्री 1008 पंचदशनाम जूना त्रिजटा अघोरी अखाड़ा सनातन धर्म, अघोर परंपरा, शिव साधना, गुरु-शिष्य मर्यादा और लोककल्याण के लिए समर्पित है।

About Akhara
About Akhara

अखाड़ा का उद्देश्य

अघोर मार्ग भय से परे, द्वैत से परे और शिव चेतना की अनुभूति का पावन मार्ग है।

श्री श्री 1008 पंचदशनाम जूना त्रिजटा अघोरी अखाड़ा सनातन धर्म की दिव्य अघोर परंपरा को संरक्षित, प्रसारित और जीवंत रखने हेतु समर्पित है।

यह अखाड़ा केवल साधना का स्थान नहीं है, बल्कि जीवन को पूर्ण रूप से स्वीकार करने, भय से मुक्त होने, सेवा भाव को जागृत करने और शिव तत्व की अनुभूति का पवित्र केंद्र है।

अखाड़ा साधकों, सेवकों और श्रद्धालुओं को अनुशासन, गुरु मर्यादा, शिव साधना, तंत्र मार्ग और आत्म-बोध की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करता है।

Vision & Mission

हमारी दृष्टि और उद्देश्य

हमारी दृष्टि

समाज में साधना, सेवा, करुणा और आत्म-जागरण के माध्यम से शिव चेतना का प्रसार करना।

हमारा उद्देश्य

सनातन धर्म, अघोर परंपरा, शिव साधना और गुरु-शिष्य मर्यादा को जीवंत रखना।

हमारा संकल्प

मानव सेवा, गौ सेवा, अन्न सेवा और धर्म रक्षा के माध्यम से समाज कल्याण करना।

Akhara History

हमारा इतिहास

अघोर परंपरा सनातन धर्म की अत्यंत प्राचीन और गहन साधना परंपराओं में से एक है। यह मार्ग शिव तत्व, समभाव, निर्भयता और आत्म-बोध पर आधारित है।

अखाड़ा इसी दिव्य परंपरा को गुरु-शिष्य मर्यादा, साधना, सेवा और धर्म रक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने का कार्य करता है।

हमारा इतिहास केवल संस्थागत पहचान नहीं, बल्कि गुरु कृपा, तप, त्याग और लोककल्याण की पवित्र धारा है।

Founder

संस्थापक संदेश

सनातन धर्म की दिव्य अघोर परंपरा केवल साधना का मार्ग नहीं, बल्कि मानवता, करुणा, आत्मज्ञान और शिवत्व की अनुभूति का पवित्र पथ है।

अघोर मार्ग हमें भय, भ्रम और भेदभाव से ऊपर उठाकर सत्य, समभाव और शिव की अखण्ड चेतना का अनुभव कराता है।

हमारा उद्देश्य साधना के साथ-साथ मानव सेवा, गौ सेवा, अन्न सेवा, धर्म रक्षा और आत्म-जागरण के माध्यम से समाज में शिवत्व का प्रकाश फैलाना है।

Achievements & Recognition

उपलब्धियाँ और मान्यता

अखाड़ा सेवा, साधना और सनातन मूल्यों के संरक्षण के माध्यम से समाज में योगदान देता है।

सेवा कार्य

अन्न सेवा, गौ सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के माध्यम से लोककल्याण।

आध्यात्मिक मार्गदर्शन

साधकों को अघोर साधना, शिव उपासना और गुरु मर्यादा में मार्गदर्शन।

धर्म रक्षा

सनातन परंपरा, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों का संरक्षण।

अघोर मार्ग से जुड़ें

यदि आप साधना, सेवा और सनातन चेतना के इस पवित्र मार्ग से जुड़ना चाहते हैं, तो अखाड़ा आपके लिए सदैव खुला है।

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